श्री भवान्य अष्टक श्रीमद् आद्य शंकराचार्य
श्री भवान्य अष्टक – न तातो न माता न बन्धुर्न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता ।न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानी ॥ १ ॥ भवाब्धावपारे महादु:ख्भीरू पपात प्रकामी प्रलोभी प्रमत्त: ।कुसंसारपाशप्रबध्द: सदाहं…
