मोरे ललन,
26.
मोरे ललन,
मोरे ललन गिरधर गोपाल ।
तुम बिन मोहे चैन न आवै,
तुम बिन दुखी भई हाल ।
नैनन नीर बहत दिनराती,
विरह भयो बेहाल ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
दरसन दीजै तत्काल ।
26.
मोरे ललन,
मोरे ललन गिरधर गोपाल ।
तुम बिन मोहे चैन न आवै,
तुम बिन दुखी भई हाल ।
नैनन नीर बहत दिनराती,
विरह भयो बेहाल ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
दरसन दीजै तत्काल ।