बसो मोरे नैनन में,
25.
बसो मोरे नैनन में,
बसो मोरे नैनन मे नंदलाल ।
मोहनी मूरत साँवरी सूरत,
नैना बने विशाल ।
अधर सुधा-रस मुरली राजै,
उर बैजंती माल ।
छुद्र घंटिका कटि तट सोभै,
नूपुर शब्द रसाल ।
मिरा प्रभु संतन सुखदाई,
भगत बछल गोपाल ।
25.
बसो मोरे नैनन में,
बसो मोरे नैनन मे नंदलाल ।
मोहनी मूरत साँवरी सूरत,
नैना बने विशाल ।
अधर सुधा-रस मुरली राजै,
उर बैजंती माल ।
छुद्र घंटिका कटि तट सोभै,
नूपुर शब्द रसाल ।
मिरा प्रभु संतन सुखदाई,
भगत बछल गोपाल ।