मै बैरागण हूंगी,
24.
मै बैरागण हूंगी,
मै तो बैरागण हूंगी ।
मन मे मेरे राम रमै हैं,
और न दूजा कोई ।
माला फेरूँ, तिलक लगाऊँ,
प्रेम भगति की रीति ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
मै तो चरणन की चेरी ।
24.
मै बैरागण हूंगी,
मै तो बैरागण हूंगी ।
मन मे मेरे राम रमै हैं,
और न दूजा कोई ।
माला फेरूँ, तिलक लगाऊँ,
प्रेम भगति की रीति ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
मै तो चरणन की चेरी ।