रे मन, कृष्ण नाम कहि
1.
रे मन, कृष्ण नाम कहि लीजै ।
गुरुके बचन अटल करि मानहि, साधु समागम कैजै ॥
पढिये गुनिये भगति भागवत, और कहा कथी कीजै ।
कृष्णनाम बिनु जनमु बादिही, बिरथा काहे जीजै ॥
कृष्णनाम - रस बह्यो जात है, तृषावन्त हूवै पीजे ।
सूरदास हरिसरन ताकिये, जनम सफल करि लीजै ॥
