साजन घर आया हो ।
45.
साजन घर आया हो ।
साजन घर आया हो, म्हारे मन भाव्या हो ।
दरसन पायो आज सुख भारी,
विरह दुख सब जाया हो ।
नैनन नीर बहत थे जिनमें,
आज हँसत मुसकाया हो ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
जनम सफल कर पाया हो ।
45.
साजन घर आया हो ।
साजन घर आया हो, म्हारे मन भाव्या हो ।
दरसन पायो आज सुख भारी,
विरह दुख सब जाया हो ।
नैनन नीर बहत थे जिनमें,
आज हँसत मुसकाया हो ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
जनम सफल कर पाया हो ।