आय मिलौ मोहि,
22.
आय मिलौ मोहि,
मोहि तो सांवरिया आय मिलौ ।
बिरह बिथा तन मन मे लागी,
दरसन बिन सुख नाहि ।
नैनन नीर बहत दिनराती,
पंथ निहारत जाऊँ ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
आय मिलौ सुख पाऊँ ।
22.
आय मिलौ मोहि,
मोहि तो सांवरिया आय मिलौ ।
बिरह बिथा तन मन मे लागी,
दरसन बिन सुख नाहि ।
नैनन नीर बहत दिनराती,
पंथ निहारत जाऊँ ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
आय मिलौ सुख पाऊँ ।