सांचो प्रीतम ।
47.
सांचो प्रीतम ।
सांचो प्रीतम साँवरो मेरो ।
झूठे जगत के नाते सारे,
साँचा नाता तेरो ।
तन मन धन सब वार दिया है,
तुम बिन कौन है मेरो ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
चरणन मे मन मेरो ।
47.
सांचो प्रीतम ।
सांचो प्रीतम साँवरो मेरो ।
झूठे जगत के नाते सारे,
साँचा नाता तेरो ।
तन मन धन सब वार दिया है,
तुम बिन कौन है मेरो ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
चरणन मे मन मेरो ।