अंकिला देव संतद्वारी
1496.
अंकिला देव संतद्वारीं । भिक्षा मागे तो निर्धारी ॥१॥
मज द्याहो प्रेमभिक्षा । देव बोले तया प्रत्यक्षा ॥२॥
नाम गाणें हेंचि दक्ष । एका जनार्दनी प्रत्यक्ष ॥३॥
1496.
अंकिला देव संतद्वारीं । भिक्षा मागे तो निर्धारी ॥१॥
मज द्याहो प्रेमभिक्षा । देव बोले तया प्रत्यक्षा ॥२॥
नाम गाणें हेंचि दक्ष । एका जनार्दनी प्रत्यक्ष ॥३॥