कै वाहावे जीवन । कै
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कै वाहावे जीवन । कै पलंगी शयन ॥१॥
जैसी जैसी वेळ पडे । तैसे तैसे होणे घडे ॥२॥
कै भोज्य नानापरी । कै कोरड्या भाकरी ॥३॥
कै बैसावे वहनी । कै पायी अनवाणी ॥४॥
कै उत्तम प्रावणे । कै वसने ती जीणे ॥५॥
कै सकळ संपत्ती । कै भोगणे विपत्ती ॥६॥
कै सज्जनाशी संग । कै दुर्जनाशी योग ॥७॥
तुका म्हणे जाण । सुख दु:ख ते समान ॥८॥
