॥ नर्मदा नदी आरती ४
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॥ नर्मदा नदी आरती ४ ॥
ॐ जय जगदानन्दी,
मैया जय आनंद कन्दी।
ब्रह्मा हरिहर शंकर,
रेवा शिव हरि शंकर
रुद्रौ पालन्ती।
ॐ जय जगदानन्दी
देवी नारद सारद तुम वरदायक,
अभिनव पदण्डी।
सुर नर मुनि जन सेवत,
सुर नर मुनि...
शारद पदवाचन्ती।
ॐ जय जगदानन्दी
देवी धूमक वाहन राजत,
वीणा वाद्यन्ती।
झुमकत-झुमकत-झुमकत,
झननन झमकत रमती राजन्ती।
ॐ जय जगदानन्दी
देवी बाजत ताल मृदंगा,
सुर मण्डल रमती।
तोड़ीतान-तोड़ीतान-तोड़ीतान,
तुरड़ड़ रमती सुरवन्ती।
