येई वो अच्युते नामाम
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येई वो अच्युते नामामृत रसे | सुंदर डोळसे जान्हवीये ॥१॥
अमृताची खोटी अच्युत नाम पेठी | पावे जगजेठी अच्युत सार ॥२॥
अच्युत अच्युत नामे हेंचि सत्य | हे पियूष त्वरित उच्चारिता ॥३॥
वैकुंठीची मूर्ति अच्युतनाम पाठे | प्रत्यक्ष वो भेटे विटेवरी ॥४॥
पुंडलिक दृष्टी नयनाची भेटी | निवारिता दृष्टी न्याहाळीता ॥५॥
नामा म्हणे अच्युत नाम हेंचि आम्हा | दिननिशी राम जपतसे ॥६॥
