अग्निमाजि पडे बाळू |
1670.
अग्निमाजि पडे बाळू | माता धांवे कनवाळू ॥१॥
तैसा धांवे माझिया काजा | अंकिला मी दास तुझा ॥२॥
सवेंचि झेपावे पक्षिणी | पिली पडतांचि धरणी ॥३॥
भुकेले वत्स रावे | धेनु हुंबरत धांवे ॥४॥
वणवा लागलासे वनी | पाडस चितित हरिणी ॥५॥
नामा म्हणे मेघा जैसा | | विनवितो चातक तैसा ॥६॥
