राम बोले राम बोले ।
१४.
राम बोले राम बोले । राम बिना कोऊ न बोलेरे भाई ॥१॥
एकल मिठी कुंजर चिटी । भाजनहै बहु नाना ।
स्थावर जंगम कीट पतंगा । सब घट राम समाना ॥२॥
एकल चीता रहीले नीता और छुटीले सब आसा ।
प्रणवत नामा भये नेहि कामा तुम ठाकुर मे दास ॥३॥
१४.
राम बोले राम बोले । राम बिना कोऊ न बोलेरे भाई ॥१॥
एकल मिठी कुंजर चिटी । भाजनहै बहु नाना ।
स्थावर जंगम कीट पतंगा । सब घट राम समाना ॥२॥
एकल चीता रहीले नीता और छुटीले सब आसा ।
प्रणवत नामा भये नेहि कामा तुम ठाकुर मे दास ॥३॥