रामसमाना नामही रामा
१३.
रामसमाना नामही रामा । तू साहेब मै सेवक स्वामी ॥१॥
हरी सरवर जग तरंग कहावे । सेवग हरी तजी कहुंत कत जावे ॥२॥
हरि तरवर ज्ग पंखी छाया । सेवग हरि भजी आवे गवाया ॥३॥
नामा कहे मै नरहरी पाया । राम रमे मै रमी राम समया ॥४॥
१३.
रामसमाना नामही रामा । तू साहेब मै सेवक स्वामी ॥१॥
हरी सरवर जग तरंग कहावे । सेवग हरी तजी कहुंत कत जावे ॥२॥
हरि तरवर ज्ग पंखी छाया । सेवग हरि भजी आवे गवाया ॥३॥
नामा कहे मै नरहरी पाया । राम रमे मै रमी राम समया ॥४॥