गोपाल राधे कृष्ण गोव
217.
गोपाल राधे कृष्ण गोविंद॥ गोविंद॥धृ०॥
बाजत झांजरी और मृंदग । और बाजे करताल॥१॥
मोर मुकुट पीतांबर शोभे । गला बैजयंती माल॥२॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर नागर । भक्तनके प्रतिपाल॥३॥
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गोपाल राधे कृष्ण गोविंद॥ गोविंद॥धृ०॥
बाजत झांजरी और मृंदग । और बाजे करताल॥१॥
मोर मुकुट पीतांबर शोभे । गला बैजयंती माल॥२॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर नागर । भक्तनके प्रतिपाल॥३॥