भक्ति प्रतापे पावलो
2063.
भक्ति प्रतापे पावलो मी सुपंथ | सफळ निश्चित परमार्थ ॥१॥
देव सर्वांभूती असता प्रगट | निर्वाण चोखट भक्ति जाण ॥२॥
भरुनिया मनी जपसील नाम | तेणे निजधाम पावसील ॥३॥
जप तप ध्यान न लगे साधन | भक्ति ते कारण नामा म्हणे ॥४॥
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भक्ति प्रतापे पावलो मी सुपंथ | सफळ निश्चित परमार्थ ॥१॥
देव सर्वांभूती असता प्रगट | निर्वाण चोखट भक्ति जाण ॥२॥
भरुनिया मनी जपसील नाम | तेणे निजधाम पावसील ॥३॥
जप तप ध्यान न लगे साधन | भक्ति ते कारण नामा म्हणे ॥४॥