शरण गही प्रभु तेरी,
40.
शरण गही प्रभु तेरी,
शरण गही प्रभु तेरी ।
दीन दयाल कृपा करि राखो,
मै तो दासी तेरी ।
जग के झूठे नाते छोड़े,
प्रीत लगी अब तेरी ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
लाज राखजो मेरी ।
40.
शरण गही प्रभु तेरी,
शरण गही प्रभु तेरी ।
दीन दयाल कृपा करि राखो,
मै तो दासी तेरी ।
जग के झूठे नाते छोड़े,
प्रीत लगी अब तेरी ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर,
लाज राखजो मेरी ।