बागनमो नंदलाल चलोरी॥
150.
बागनमो नंदलाल चलोरी॥ अहालिरी॥धृ॥
चंपा चमेली दवना मरवा । झूक आई टमडाल॥च०॥१॥
बागमो जाये दरसन पाये । बिच ठाडे मदन गोपाल॥च०॥२॥
मिराके प्रभू गिरिधर नागर । वांके नयन विसाल॥च०॥३॥
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बागनमो नंदलाल चलोरी॥ अहालिरी॥धृ॥
चंपा चमेली दवना मरवा । झूक आई टमडाल॥च०॥१॥
बागमो जाये दरसन पाये । बिच ठाडे मदन गोपाल॥च०॥२॥
मिराके प्रभू गिरिधर नागर । वांके नयन विसाल॥च०॥३॥