सेहेज अवल धुंढी मनी
७४.
सेहेज अवल धुंढी मनी गाडी चालाती । पिछे तिनका लेकर हाकती ॥१॥
जैसे पनकर तुटत हाकथी । सर धोवन चाली लाडथी ॥२॥
धोबी धोवे विरहे विरहता ।हर च्रन मेरा मन राता ॥३॥
भणत नामदेव रमरह्या । अपने भगतपर कर दया ॥४॥
७४.
सेहेज अवल धुंढी मनी गाडी चालाती । पिछे तिनका लेकर हाकती ॥१॥
जैसे पनकर तुटत हाकथी । सर धोवन चाली लाडथी ॥२॥
धोबी धोवे विरहे विरहता ।हर च्रन मेरा मन राता ॥३॥
भणत नामदेव रमरह्या । अपने भगतपर कर दया ॥४॥