लटपटी पेचा बांधा राज
225.
लटपटी पेचा बांधा राज॥धृ०॥
सास बुरी घर ननंद हाटेली । तुमसे आठे कियो काज॥१॥
निसीदन मोहिके कलन परत है । बनसीने सार्यो काज॥२॥
मिराके प्रभु गिरिधन नागर । चरन कमल सिरताज॥३॥
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लटपटी पेचा बांधा राज॥धृ०॥
सास बुरी घर ननंद हाटेली । तुमसे आठे कियो काज॥१॥
निसीदन मोहिके कलन परत है । बनसीने सार्यो काज॥२॥
मिराके प्रभु गिरिधन नागर । चरन कमल सिरताज॥३॥