राग पीलू
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राग पीलू
साजन घर आओनी मीठा बोला॥
कदकी ऊभी मै पंथ निहारू थारो, आया होसी मेला॥
आओ निसंक, संक मत मानो, आया ही सुक्ख रहेला॥
तन मन वार करू न्यौछावर, दीज्यो स्याम मोय हेला॥
आतुर बहुत बिलम मत कीज्यो, आया हो रंग रहेला॥
तुमरे कारण सब रंग त्याग्या, काजल तिलक तमोला॥
तुम देख्या बिन कल न पड़त है, कर धर रही कपोला॥
मिरा दासी जनम जनम की, दिल की घुंडी खोला॥
