राग अगना
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राग अगना
राणाजी, थे क्यांने राखो म्हांसू बैर ।
थे तो राणाजी म्हांने इसड़ा लागो, ज्यू बृच्छन मे कैर ।
महल अटारी हम सब त्याग्या, त्याग्यो थारो बसनो सैर॥
काजल टीकी राणा हम सब त्याग्या, भगती-चादर पैर ।
मिरा के प्रभु गिरधर नागर इमरित कर दियो झैर॥
