इस तन धनकी कौन बडाई
11.
इस तन धनकी कौन बडाई ॥देखत नयनोमे मट्टी मिलाई ॥धृ॥
अपने खातर मेहेल बनाया । आपही जाकर जंगल सोया ॥१॥
हाड जेल जैसे लकरीकी मोली । बाल जले जैसी घास की पोली ॥२॥
कहत कबीरा सुन मेरे गुनिया । आप मुवे पिछे डुबगई दुनिया ॥३॥
11.
इस तन धनकी कौन बडाई ॥देखत नयनोमे मट्टी मिलाई ॥धृ॥
अपने खातर मेहेल बनाया । आपही जाकर जंगल सोया ॥१॥
हाड जेल जैसे लकरीकी मोली । बाल जले जैसी घास की पोली ॥२॥
कहत कबीरा सुन मेरे गुनिया । आप मुवे पिछे डुबगई दुनिया ॥३॥