मेरो मन हरलियो राज र
251.
मेरो मन हरलियो राज रणछोड । मेरो मन०॥धृ०॥
त्रिकम माधव और पुरुषोत्तम ने । कुबेर कल्याणनी जोड॥१॥
राधा रुक्मिणी और सतभामा । जांबुक करणी जोड॥२॥
चार मास रत्नागर गाजे । गोमती करत कलोल॥३॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर नागर । हरी मारा दलडाना चोर॥४॥
