मनुवा बाबारे सुमरले
198.
मनुवा बाबारे सुमरले मन सिताराम॥धृ०॥
बडे बडे भूपती सुलतान उनके । डेरे भय मैदान॥१॥
लंकाके रावण कालने खाया । तू क्या है कंगाल॥२॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर लाल । भज गोपाल त्यज जंजाल॥३॥
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मनुवा बाबारे सुमरले मन सिताराम॥धृ०॥
बडे बडे भूपती सुलतान उनके । डेरे भय मैदान॥१॥
लंकाके रावण कालने खाया । तू क्या है कंगाल॥२॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर लाल । भज गोपाल त्यज जंजाल॥३॥