वारकरी रोजनिशी

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हरिनाम बिना नर ऐसा ह

🙏 29. संत मिराबाई · ABH-076796 · अभंग क्र. १५

15.
हरिनाम बिना नर ऐसा है । दीपकबीन मंदिर जैसा है॥धृ०॥
जैसे बिना पुरुखकी नारी है । जैसे पुत्रबिना मातारी है ।
जलबिन सरोबर जैसा है । हरिनामबिना नर ऐसा है॥१॥
जैसे सशीविन रजनी सोई है । जैसे बिना लौकनी रसोई है ।
घरधनी बिन घर जैसा है । हरिनामबिना नर ऐसा है॥२॥
ठुठर बिन वृक्ष बनाया है । जैसा सुम संचरी नाया है ।
गिनका घर पूतेर जैसा है । हरिनम बिना नर ऐसा है॥३॥
कहे हरिसे मिलना । जहा जन्ममरणकी नही कलना ।
बिन गुरुका चेला जैसा है । हरिनामबिना नर ऐसा है॥४॥

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