हरिनाम बिना नर ऐसा ह
15.
हरिनाम बिना नर ऐसा है । दीपकबीन मंदिर जैसा है॥धृ०॥
जैसे बिना पुरुखकी नारी है । जैसे पुत्रबिना मातारी है ।
जलबिन सरोबर जैसा है । हरिनामबिना नर ऐसा है॥१॥
जैसे सशीविन रजनी सोई है । जैसे बिना लौकनी रसोई है ।
घरधनी बिन घर जैसा है । हरिनामबिना नर ऐसा है॥२॥
ठुठर बिन वृक्ष बनाया है । जैसा सुम संचरी नाया है ।
गिनका घर पूतेर जैसा है । हरिनम बिना नर ऐसा है॥३॥
कहे हरिसे मिलना । जहा जन्ममरणकी नही कलना ।
बिन गुरुका चेला जैसा है । हरिनामबिना नर ऐसा है॥४॥
