हरी सखी देख्योरी नंद
236.
हरी सखी देख्योरी नंद किशोर॥धृ०॥
मोर मुकुट मकराकृत कुंडल । पीतांबर झलक हरोल॥१॥
ग्वाल बाल सब संग जुलीने । गोवर्धनकी और॥२॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । हरि भये माखन चोर॥३॥
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हरी सखी देख्योरी नंद किशोर॥धृ०॥
मोर मुकुट मकराकृत कुंडल । पीतांबर झलक हरोल॥१॥
ग्वाल बाल सब संग जुलीने । गोवर्धनकी और॥२॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । हरि भये माखन चोर॥३॥