राधे तोरे नयनमो जदुब
202.
राधे तोरे नयनमो जदुबीर॥धृ०॥
आदी आदी रातमो बाल चमके । झीरमीर बरसत नीर॥१॥
मोर मुगुट पितांबर शोभे । कुंडल झलकत हीर॥२॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर नागर । चरणकमल शीर॥३॥
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राधे तोरे नयनमो जदुबीर॥धृ०॥
आदी आदी रातमो बाल चमके । झीरमीर बरसत नीर॥१॥
मोर मुगुट पितांबर शोभे । कुंडल झलकत हीर॥२॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर नागर । चरणकमल शीर॥३॥