भांड ३९६६ ते ३९६८
3966.
भांड ३९६६ ते ३९६८
माया छांड सुनोजी । आछा भांडबनोजी ॥धृ.॥ ब्रह्मदेवने वेद पढाया माया मीठीलगी । सरस्वतीके गले पडा उसकी करितभगी ॥१॥ विष्णुके पीछे लगा है माया का धंदा । खेळ करते फसल पडी मिठी लगी वृंदा ॥२॥ महादेव बडा देव सब देवन का बाबा । भिल्लीणी केपीछे लगा करता तोबा तोबा ॥३॥ अहिल्याकेदेखने• इंद्र भूल मदें । गौतमने गांड मारी आंगपरहुवे फोडें ॥४॥ सीता की चोरी करी रावणकूधक्का । हनुमानने नंगी करके जला दिया लंका ॥५॥ हनुमान तो ब्रह्मचारी जपे रामनाम । स्त्रीराज्यमोबायका गाभण करता है बेफाम ॥६॥ विश्वामित्र तपकरे भये अनुष्ठानी । मेनकासे वश भय हवेधुळधाणी ॥७॥ नारदाने किसनसे एक औरतमांगी । नारदकी नारदी भई पोंगडे जननलागी ॥८॥ सोळा सहस्त्र नारी कान्हा गोकुळमेंखेले । राधी काकू छोडके रिसनकू भुले ॥९॥ जनार्दन साई मेरा सब खेल खेला । एकनाथ भांडहोके उनके चरण मिला ।॥१०॥
