जोसीड़ा ने लाख बधाई
77.
जोसीड़ा ने लाख बधाई रे अब घर आये स्याम॥
आज आनंद उमंगि भयो है जीव लहै सुखधाम ।
पांच सखी मिलि पीव परसिकै आनंद ठामू ठाम॥
बिसरि गयो दुख निरखि पियाकूं, सुफल मनोरथ काम ।
मिराके सुखसागर स्वामी भवन गवन कियो राम॥
77.
जोसीड़ा ने लाख बधाई रे अब घर आये स्याम॥
आज आनंद उमंगि भयो है जीव लहै सुखधाम ।
पांच सखी मिलि पीव परसिकै आनंद ठामू ठाम॥
बिसरि गयो दुख निरखि पियाकूं, सुफल मनोरथ काम ।
मिराके सुखसागर स्वामी भवन गवन कियो राम॥