कौन भरे जल जमुना । स
213.
कौन भरे जल जमुना । सखीको०॥धृ०॥
बन्सी बजावे मोहे लीनी । हरीसंग चली मन मोहना॥१॥
शाम हटेले बडे कवटाले । हर लाई सब ग्वालना॥२॥
कहे मिरा तुम रूप निहारो । तीन लोक प्रतिपालना॥३॥
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कौन भरे जल जमुना । सखीको०॥धृ०॥
बन्सी बजावे मोहे लीनी । हरीसंग चली मन मोहना॥१॥
शाम हटेले बडे कवटाले । हर लाई सब ग्वालना॥२॥
कहे मिरा तुम रूप निहारो । तीन लोक प्रतिपालना॥३॥