नही तोरी बलजोरी राधे
266.
नही तोरी बलजोरी राधे॥धृ०॥
जमुनाके नीर तीर धेनु चरावे । छीन लीई बांसरी॥१॥
सब गोपन हस खेलत बैठे । तुम कहत करी चोरी॥२॥
हम नही अब तुमारे घरनकू । तुम बहुत लबारीरे॥३॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर नागर । चरणकमल बलिहारीरे॥४॥
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नही तोरी बलजोरी राधे॥धृ०॥
जमुनाके नीर तीर धेनु चरावे । छीन लीई बांसरी॥१॥
सब गोपन हस खेलत बैठे । तुम कहत करी चोरी॥२॥
हम नही अब तुमारे घरनकू । तुम बहुत लबारीरे॥३॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर नागर । चरणकमल बलिहारीरे॥४॥