तुम बिन मेरी कौन खबर
275.
तुम बिन मेरी कौन खबर ले । गोवर्धन गिरिधारीरे॥धृ०॥
मोर मुगुट पीतांबर सोभे । कुंडलकी छबी न्यारीरे॥ तुम०॥१॥
भरी सभामो द्रौपदी ठारी । राखो लाज हमारी रे॥ तुम०॥२॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । चरनकमल बलहारीरे॥ तुम०॥३॥
275.
तुम बिन मेरी कौन खबर ले । गोवर्धन गिरिधारीरे॥धृ०॥
मोर मुगुट पीतांबर सोभे । कुंडलकी छबी न्यारीरे॥ तुम०॥१॥
भरी सभामो द्रौपदी ठारी । राखो लाज हमारी रे॥ तुम०॥२॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । चरनकमल बलहारीरे॥ तुम०॥३॥