येई वो पद्मनामे पंकज
631.
येई वो पद्मनामे पंकजलोचने | विश्व पूर्णधने देखे तुज ॥१॥
त्राहे पद्मनाभा वाचा सिद्ध पावे | मज हे नुगवे मायाजाळ ॥२॥
पद्मांकित रेखा पद्म हे सुरेख | पावे वो निमिष्य एक माये ॥३॥
विचरे हे पृथ्वी नाम पद्मनाभ | स्वयंभावो बिंब विठ्ठलेसी ॥४॥
रिकामा मी नसे दिननिशी निमिष्य | पद्मनाभ साक्ष हृदयी भोगी ॥५॥
नामा म्हणे पद्मनाभ हेंचि हो नाम | जपतुसे प्रेम देई मज ॥६॥
