किन्ने देखा कन्हया प
43.
किन्ने देखा कन्हया प्यारा की मुरलीवाला॥धृ०॥
जमुनाके नीर गंवा चरावे । खांदे कंबरिया काला॥१॥
मोर मुकुट पितांबर शोभे । कुंडल झळकत हीरा॥२॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । चरन कमल बलहारा॥३॥
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किन्ने देखा कन्हया प्यारा की मुरलीवाला॥धृ०॥
जमुनाके नीर गंवा चरावे । खांदे कंबरिया काला॥१॥
मोर मुकुट पितांबर शोभे । कुंडल झळकत हीरा॥२॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । चरन कमल बलहारा॥३॥