छोडो चुनरया छोडो मनम
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छोडो चुनरया छोडो मनमोहन मनमो बिच्यारो॥धृ०॥
नंदाजीके लाल । संग चले गोपाल धेनु चरत चपल ।
बीन बाजे रसाल । बंद छोडो॥१॥
काना मागत है दान । गोपी भये रानोरान ।
सुनो उनका ग्यान । घबरगया उनका प्रान ।
चिर छोडो॥२॥
मिरा कहे मुरारी । लाज रखो मेरी ।
पग लागो तोरी । अब तुम बिहारी ।
चिर छोडो॥३॥
