शरणागतकी लाज । तुमकू
241.
शरणागतकी लाज । तुमकू शणागतकी लाज॥धृ०॥
नाना पातक चीर मेलाय । पांचालीके काज॥१॥
प्रतिज्ञा छांडी भीष्मके । आगे चक्रधर जदुराज॥२॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । दीनबंधु महाराज॥३॥
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शरणागतकी लाज । तुमकू शणागतकी लाज॥धृ०॥
नाना पातक चीर मेलाय । पांचालीके काज॥१॥
प्रतिज्ञा छांडी भीष्मके । आगे चक्रधर जदुराज॥२॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । दीनबंधु महाराज॥३॥