प्रकट भयो भगवान ॥प्र
10.
प्रकट भयो भगवान ॥प्रभुजी ॥धृ॥
नंदजीके घर नोबद बाजे ॥टाळ मृदंग और तान ॥प्रगट. ॥१॥
सबही राजे मीलन आये । छांड दिये अभिमान ॥२॥
मीराके प्रभु गिरिधर नागर । निशिदिन धरिये ध्यान ॥३॥
10.
प्रकट भयो भगवान ॥प्रभुजी ॥धृ॥
नंदजीके घर नोबद बाजे ॥टाळ मृदंग और तान ॥प्रगट. ॥१॥
सबही राजे मीलन आये । छांड दिये अभिमान ॥२॥
मीराके प्रभु गिरिधर नागर । निशिदिन धरिये ध्यान ॥३॥