अण बोता चरण नही छारू
५७.
अण बोता चरण नही छारू । मै तुम्हारी अन बाबा विठला ॥१॥
टगमग टगमग क्या चौघता । एक बोल बोलू बोलता ॥२॥
कैधुकृतेल कैधुबली । प्रणव पे नामदेव पुर बहुरली ॥३॥
५७.
अण बोता चरण नही छारू । मै तुम्हारी अन बाबा विठला ॥१॥
टगमग टगमग क्या चौघता । एक बोल बोलू बोलता ॥२॥
कैधुकृतेल कैधुबली । प्रणव पे नामदेव पुर बहुरली ॥३॥