तुम बिन कौन खबर ले ग
207.
तुम बिन कौन खबर ले गोवर्धन गिरिधारीर ॥धृ॥
मोर मुकुट पितांबर शोभे । कुंडलकी छबी न्यारीरे ॥१॥
भारी सभामो द्रौपदी ठाडी । राखो लाज हमारीरे ॥२॥
मीराके प्रभु गिरिधर नागर । चरणकमल बलहारीरे ॥३॥
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तुम बिन कौन खबर ले गोवर्धन गिरिधारीर ॥धृ॥
मोर मुकुट पितांबर शोभे । कुंडलकी छबी न्यारीरे ॥१॥
भारी सभामो द्रौपदी ठाडी । राखो लाज हमारीरे ॥२॥
मीराके प्रभु गिरिधर नागर । चरणकमल बलहारीरे ॥३॥