कालोकी रेन बिहारी ।
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कालोकी रेन बिहारी । महाराज कोण बिलमायो॥धृ०॥
काल गया ज्या जाहो बिहारी । अही तोही कौन बुलायो॥१॥
कोनकी दासी काजल सार्यो । कोन तने रंग रमायो॥२॥
कंसकी दासी काजल सार्यो । उन मोहि रंग रमायो॥३॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर नागर । कपटी कपट चलायो॥४॥
