मन मोहन दिलका प्यारा
168.
मन मोहन दिलका प्यारा॥धृ०॥
माता जसोदा पालना हलावे । हातमे लेकर दोरा॥१॥
कबसे अंगनमो खडी है राधा । देखे किसनका चेहरा॥२॥
मोर मुगुट पीतांबर शोभे । गळा मोतनका गजरा॥३॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । चरन कमल बलहारी॥४॥
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मन मोहन दिलका प्यारा॥धृ०॥
माता जसोदा पालना हलावे । हातमे लेकर दोरा॥१॥
कबसे अंगनमो खडी है राधा । देखे किसनका चेहरा॥२॥
मोर मुगुट पीतांबर शोभे । गळा मोतनका गजरा॥३॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । चरन कमल बलहारी॥४॥