साहेब संकट व्हैस सेव
७६.
साहेब संकट व्हैस सेवक भजे । चिरकाल न जीवे दौ कुल ह्से तेरी भक्ति न छोडू भावसे भजे ॥१॥
चरन कमा मेरे हिया वसे जैसे अपने धनी प्राणी मरण मांडे । तैसे संतजन राम नाम न छांडे ॥२॥
गंगा गया गोदावरी संसारके कामा । नारायण सो प्रसन्न होये ता सेवक नामा ॥३॥
