धरी रे मना तू विश्व
2075.
धरी रे मना तू विश्वास या नामी | अखंड रामनामी भोळखी धरी ॥१॥
जप करी ऐसा अखंड खंडेना | निशिदिनी मना होय जागा ॥२॥
नामा म्हणे मना होई रामरूप | अखंडित जप सोह सोह ॥३॥
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धरी रे मना तू विश्वास या नामी | अखंड रामनामी भोळखी धरी ॥१॥
जप करी ऐसा अखंड खंडेना | निशिदिनी मना होय जागा ॥२॥
नामा म्हणे मना होई रामरूप | अखंडित जप सोह सोह ॥३॥