मैया मोकू खिजावत बलज
172.
मैया मोकू खिजावत बलजोर । मैया मोकु खिजावत॥धृ०॥
जशोदा माता मील ली जाबे । लायो जमुनाको तीर॥१॥
जशोदाही गोरी नंदही गोरा । तुम क्यौ भयो शाम सरीर॥२॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर नागर । नयनमो बरखत नीर॥३॥
172.
मैया मोकू खिजावत बलजोर । मैया मोकु खिजावत॥धृ०॥
जशोदा माता मील ली जाबे । लायो जमुनाको तीर॥१॥
जशोदाही गोरी नंदही गोरा । तुम क्यौ भयो शाम सरीर॥२॥
मिरा कहे प्रभु गिरिधर नागर । नयनमो बरखत नीर॥३॥