खबर मोरी लेजारे बंदा
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खबर मोरी लेजारे बंदा जावत हो तुम उनदेस॥धृ०॥
हो नंदके नंदजीसु यू जाई कहीयो । एकबार दरसन दे जारे॥१॥
आप बिहारे दरसन तिहारे । कृपादृष्टि करी जारे॥२॥
नंदवन छांड सिंधु तब वसीयो । एक हाम पैन सहजीरे ।
जो दिन ते सखी मधुबन छांडो । ले गयो काळ कलेजारे॥३॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । सबही बोल सजारे॥४॥
