आता पांडुरंग स्मरा |
1993.
आता पांडुरंग स्मरा | जन्ममृत्यु चुकवा फेरा ॥१॥
ऐसा कांही करा नेम | मुखी स्मरा रामनाम ॥२॥
चिता ऐसे ध्यान | तेणे असा समाधान ॥३॥
नामा म्हणे हरिदास | त्यासि असावा अभ्यास ॥
1993.
आता पांडुरंग स्मरा | जन्ममृत्यु चुकवा फेरा ॥१॥
ऐसा कांही करा नेम | मुखी स्मरा रामनाम ॥२॥
चिता ऐसे ध्यान | तेणे असा समाधान ॥३॥
नामा म्हणे हरिदास | त्यासि असावा अभ्यास ॥