जौलग राम नामे हेत न
२६.
जौलग राम नामे हेत न भयो । तौलग मेरी करत जनम गयो ॥१॥
लागी पंक पकले धोवो । नृमल होवे जनमवी गोवो ॥२॥
भीतरी मैला बाहेरी चोखा । पाणी ष्यंड पखाले धोखा ॥३॥
नामदेव कहे सुरही पर हरीये । भेड पुछकेस भवजल तीरीये ॥४॥
२६.
जौलग राम नामे हेत न भयो । तौलग मेरी करत जनम गयो ॥१॥
लागी पंक पकले धोवो । नृमल होवे जनमवी गोवो ॥२॥
भीतरी मैला बाहेरी चोखा । पाणी ष्यंड पखाले धोखा ॥३॥
नामदेव कहे सुरही पर हरीये । भेड पुछकेस भवजल तीरीये ॥४॥