लाज रखो तुम मेरी । प
7.
लाज रखो तुम मेरी । प्रभुजी लाज रखो तुम मेरी ॥
टेक ॥जाब बैरींने कबरी पकरी । तबही मान मरोरी ॥१॥
प्रभुजी ॥मै गरीब तुम करुणासागर । दृष्ट करत बलजोरी ॥२॥
मीराके गिरीधर नागर । तुम पिता मै छोरी ॥३॥ प्रभुजी ॥
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लाज रखो तुम मेरी । प्रभुजी लाज रखो तुम मेरी ॥
टेक ॥जाब बैरींने कबरी पकरी । तबही मान मरोरी ॥१॥
प्रभुजी ॥मै गरीब तुम करुणासागर । दृष्ट करत बलजोरी ॥२॥
मीराके गिरीधर नागर । तुम पिता मै छोरी ॥३॥ प्रभुजी ॥